सेक्टर-42 में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए ईवी चार्जिंग स्टेशन की हालत अब प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रही है। सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले इन चार्जिंग स्टेशनों से शहर को पर्यावरण–अनुकूल सुविधा देने की योजना थी, लेकिन कुछ साल पहले स्टेशन का पूरा सामान चोरी हो गया। इसके बाद यह प्रोजेक्ट कभी दोबारा शुरू नहीं हो सका। चोरी की घटना के बाद न तो मरम्मत की गई और न ही स्टेशन को दोबारा चालू करने की दिशा में कोई कदम उठाया गया। नतीजा यह हुआ कि जनता इस बेहतरीन सुविधा का लाभ लेने से वंचित रह गई। करोड़ों की लागत से बना यह चार्जिंग स्टेशन अब सिर्फ एक ‘सफेद हाथी’ बनकर रह गया है, जो प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करता है।