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यहां पानी की धार से पिसता है आटा!

हिमांशु शुक्ल, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 18 Jul 2017 12:13 PM IST

तंज कसती एक पुरानी कहावत है किस चक्की का पिसा आटा खाते हो? कई बार जवाब में सिर घूम जाता है, लेकिन अगर जवाब में कोई कहे कि हम मुगलों और अंग्रेजों के जमाने की 200 साल पुरानी पनचक्की का पिसा आटा खाते हैं तो दिलो-दिमाग इतिहास की सैर पर जरूर निकल जाएगा। हम आपको ले चलते हैं गाजियाबाद की ऐसी ही पनचक्की की सैर पर जहां पहुंच कर इतिहास का पहिया ठहर गया है।
 

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