बिहार में जैसे-जैसे मतदान का दिन करीब आ रहा है, दानापुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज़ होती जा रही है। पटना ज़िले में पाटलिपुत्र लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाला दानापुर अहम निर्वाचन क्षेत्र है। इस क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण दोनों तरह के मतदाता हैं। ये सीट 2020 में आरजेडी के रीतलाल यादव ने जीती थी। हाल ही में रीतलाल यादव को जबरन वसूली के एक मामले में आत्मसमर्पण करने के बाद जेल भेज दिया गया था। आरजेडी नेता रीतलाल यादव को जेल भेजना एक साजिश का हिस्सा बताते हैं। उनका ये भी दावा है कि विधायक निधि से क्षेत्र में विकास के कई कार्य कराए गए।
आरजेडी प्रवक्ता अरुण कुमार सिंह ने कहा, "आपने बताया कि हमारे वर्तमान विधायक जी जेल में हैं, और उनका पूरा परिवार भी जेल में है। यह सच है कि उन्हें एक साज़िश के तहत जेल में डाला गया है, ताकि चुनाव के दौरान वे जेल में रहें और विपक्ष उन पर हावी रहे लेकिन असली फ़ैसला तो यहाँ की जनता ही करती है। इन सबके बावजूद, पिछले पांच वर्षों में हमारे आदरणीय विधायक रीतलाल जी ने अपने क्षेत्र में अनगिनत विकास कार्य किए हैं, जिनके बारे में कहने की भी ज़रूरत नहीं है। इसके प्रमाण सचिवालय और बिहार विधानसभा के रिकॉर्ड में मौजूद हैं"
दूसरी ओर बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव को पूरा भरोसा है कि मतदाता इस बार उन्हें ही चुनेंगे। उन्होंने मौजूदा विधायक की आलोचना की और उन्हें एक अपराधी बताया जो जनता का प्रतिनिधित्व करने के काबिल नहीं है। दानापुर के बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव ने कहा, "कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। मैंने पहले भी कहा है, यहां के लोग मुझसे प्यार करते हैं, और सबने मुझे अपना प्यार और आशीर्वाद दिया है क्योंकि उन्हें मुझ पर, जनता के सेवक पर, भरोसा है। कोई भी किसी अपराधी या गुंडे पर भरोसा नहीं करेगा। हो सकता है कोई एक बार गलती से जीत गया हो, लेकिन पांच साल गायब रहा, और उन पांच वर्षों में पांच काम भी नहीं करवाए। पांच साल बहुत लंबा समय होता है, और अगर कोई जनता के बीच आता ही नहीं, और उसका घर मेरे घर के ठीक बगल में, इसी इलाके में है, तो अगर वो अपने घर की समस्याएं नहीं सुलझा सकता, तो वो दूसरी जगहों की समस्याएं कैसे सुलझाएगा"