देव दीपावली पर घाटों के अनुपम दृश्य का साक्षी बनने के लिए दुनिया से पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। इस बार कोरोना की पाबंदियों के बावजूद विदेशी पर्यटक चार्टर प्लेन से काशी आ रहे हैं। हालांकि यह संख्या पहले के मुकाबले कम है। वहीं देसी पर्यटक से होटलों में कमरे फुल हो चुके हैं।
गंगा रेती पर चमकेंगे दीप
देव दीपावली पर न सिर्फ घाट बल्कि गंगा की रेती दीयों की रोशनी से नहाएगी। यहां दीयों को जलाने के लिए शिक्षकों के अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। अर्द्घचंद्राकार रेती पर चमचमाते दीये देवों के देव महादेव के माथे पर चंद्रमा को आलोकित करते नजर आएंगे। काशी की यह छटा अनुपम होती है। पर्यटक अस्सी घाट से राजघाट तक पैदल और नावों में सवार होकर इस अलौकिक आयोजन के साक्षी बनेंगे।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि देव दीपावली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक कर संबधित विभागों को आयोजन के बाबत निर्देश दिए हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जिम्मेदारी दी जा रही है।