सुल्तानपुर। मोतिगरपुर विकास खंड के तीन ग्राम पंचायतों में तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव शौचालय निर्माण का करीब 26 लाख 13 हजार रुपये खा गए।
जांच में धनराशि का दुरुपयोग पाए जाने पर जारी नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर डीएम ने धनराशि की रिकवरी का आदेश दिया है। डीएम के आदेश पर तीनों तत्कालीन ग्राम प्रधानों व संबंधित पंचायत सचिवों को दुरुपयोग/गबन की गई धनराशि को जमा करने का पत्र जारी हो गया है।
डीएम के आदेश पर मोतिगरपुर विकास खंड के हांसापुर, नानेमऊ व काछा-भिटौरा के शौचालयों की कराई गई जांच में बड़ी अनियमितता पाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक हांसापुर में 34 शौचालयों की धनराशि निकाल ली गई लेकिन वे मौके पर बने ही नहीं।
गांव में 30 शौचालय अपूर्ण पाए गए। टीम ने हांसापुर में करीब चार लाख 39 हजार रुपये का दुरुपयोग पाया था। इसी तरह नानेमऊ ग्राम पंचायत की कराई जांच में 81 शौचालय मौके पर ही नहीं पाए गए। तीन अपूर्ण पाए गए थे।
जांच टीम को गांव में शौचालय के मद में करीब 11 लाख छह हजार रुपये का दुरुपयोग मिला था। आदर्श सांसद गांव काछा-भिटौरा में 53 शौचालयों का पता ही नहीं चला। जांच टीम को चार प्रसाधन अर्पूण मिले थे। टीम ने काछा-भिटौरा में करीब पांच लाख 34 हजार रुपए के दुरुपयोग की रिपोर्ट दी थी।
जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती की रिपोर्ट पर जिला मजिस्ट्रेट रवीश गुप्ता ने हांसापुर, नानेमऊ व काछा-भिटौरा ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। आदेश के मुताबिक नोटिस जारी होने के बाद भी किसी प्रधान व पंचायत सचिव ने कोई जवाब नहीं दिया।
जवाब नहीं मिलने पर डीपीआरओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम को रिपोर्ट दी थी। डीएम ने हांसापुर की तत्कालीन ग्राम प्रधान सुमन पर करीब दो लाख 19 हजार, तत्कालीन सेक्रेटरी राजेश गौतम पर भी करीब दो लाख 19 हजार रुपये जमा करने की नोटिस जारी की है।
इसी तरह नानेमऊ ग्राम पंचायत की तत्कालीन ग्राम प्रधान कामना देवी से करीब पांच लाख 53 हजार रुपये जमा कराने का आदेश दिया है। इसी ग्रामपंचायत के तत्कालीन पंचायत सचिव राजेश गौतम करीब दो लाख 76 हजार व तत्कालीन पंचायत सचिव राम बहाल तिवारी से करीब दो लाख 76 हजार रुपये की रिकवरी का आदेश दिया है।
काछा-भिटौरा की तत्कालीन ग्राम प्रधान अनीता साहू से दुरुपयोग की गई धनराशि में से आधी करीब पांच लाख 34 हजार रुपये जमा कराने का आदेश जारी किया गया है। डीएम ने उस दौरान रहे गांव के तीन पंचायत सचिवों राजेश गौतम, सेवानिवृत्त हो चुके श्रीराम दुबे व शिवप्रसाद वर्मा से बराबर-बराबर करीब एक लाख 33 हजार रुपये ग्राम निधि के खाते में जमा कराने का आदेश जारी किया है।
शौचालय में दुरुपयोग की गई धनराशि को 15 दिन में तत्कालीन ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों को जमा करने का आदेश दिया गया है। निर्धारित समय में धनराशि नहीं जमा करने पर आरसी के जरिए वसूली कराई जाएगी।
- रवीश गुप्ता, डीएम