फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर से लेकर गांव में घट गई सिलेंडर की रिफलिंग

विज्ञापन
gas cylinder
विज्ञापन
रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में हुए इजाफे के बाद इसकी डिमांड घटने लगी है। जिले में रसोई गैस की रिफलिंग में एक माह के भीतर ही काफी गिरावट आई है। शहर में सात जबकि ग्रामीण इलाकों में 25 फीसदी सिलिंडरों की डिमांड घटी है। रिफलिंग में कमी से जिले में कार्य कर रहीं कंपनियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन

घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे ने लोगों के घरों का बजट बिगाड़ दिया है। आलम यह है कि एलपीजी गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं ने रिफलिंग कराना ही बंद कर दिया है। जिले में 1.5 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं। मौजूदा समय में उज्ज्वला योजना से लाभान्वित पचास फीसदी लोग ही गैस रिफलिंग करा रहे हैं। इसके पीछे वजह ये है कि सिलिंडर खरीदने के लिए लोगों को अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
हालांकि बीच-बीच में कुछ लोग रिफलिंग करा रहे हैं। अभी पांच दिन पहले ही घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई। जिसके चलते अब गैस सिलिंडर के दाम बढ़कर बढ़कर 955 रुपये पहुंच गए हैं। इसके पहले भी रसोई गैस की कीमतों में कई बार वृद्घि की जा चुकी है।
विज्ञापन

लगातार गैस की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। एजेंसियों के मुताबिक, महंगाई से जिले में एक माह के भीतर ही करीब 7 फीसदी जबकि शहर 25 फीसदी सिलिंडरों की डिमांड घटी है। शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में सिलिंडरों की रिफलिंग कम हो गई है। इससे पेट्रोलियम कंपनियों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
गांवों में जलने लगे चूल्हे
भले ही सरकार ने गरीबों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलिंडर उपलब्ध करा दिए हैं, मगर रसोई गैस महंगी होने के कारण अब फिर से लोग चूल्हे पर खाना बनाने लगे हैं। चूंकि अभी भी गांवों में लकड़ी आसानी से मिल जाती हैं। लोगों ने छोटा सिलिंडर अपनी सुविधा के लिए रखा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तो सब्सिडी नहीं मिल रही, वहीं लगातार सिलिंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे अच्छा चूल्हे पर ही खाना बना लिया जाए।
सदर विकासखंड के भंगवा की रहने वाली छोटका का कहना है कि अब गैस सब्सिडी नहीं आ रही। ऊपर से रसोई गैस महंगी हो गई है। जिसका असर उसके बजट पर पड़ रहा है। सारा पैसा सिलिंडर भरवाने में लगा देंगे तो खाएंगे क्या। उज्ज्वला योजना से जुड़े विनोद कुमार ने बताया कि लगातार कीमतें बढ़ने से काफी परेशानी हो रही है। इस कारण कभी-कभार रिफलिंग करा ली जाती है।
6 अक्तूबर से लागू गैस सिलिंडर की नई दरें
14 केजी - 955 रुपये
05 केजी - 346 रुपये
19 केजी - 1860
पहले की अपेक्षा अब रसोई गैस रिफलिंग कम हो गई है। गांव में सिलिंडरों की खपत में काफी कमी आई है। सिलिंडर के दाम अधिक होने के कारण उपभोक्ताओं ने रिफलिंग कराना कम कर दिया है।
ओमप्रकाश पांडेय, संचालक, ओम गैस एजेंसी
सितंबर माह में शहर में सात फीसदी, जबकि ग्रामीण इलाके में 25 फीसदी से अधिक सिलिंडरों की बिक्री में गिरावट आई है। उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं पर कीमतों में बढ़ोतरी का असर पड़ा है।
विज्ञापन

नमन यादव, सेल्स आफिसर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें