कोषाधिकारी कन्नौज को आदेशित किया कि वेतन से 100 रुपये अर्थदंड की धनराशि की निकासी न होने दें। साक्षी दीपक दुबे पर पुन: गैर जमानती नोटिस जारी कर पुलिस महानिदेशक को व्यक्तिगत रुचि लेकर साक्षी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष उपस्थित करने का निर्देश दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश ने आदेश में साक्षी दीपक दुबे को 12 नंवबर 2021 तक पेश करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा है कि 12 नंवबर को पेश न होने पर न्यायालय के आदेश की अवमानना की कार्रवाई मानते हुए प्रकरण पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक कन्नौज के खिलाफ उच्च न्यायालय को प्रेषित किया जाएगा।
अपर सत्र न्यायाधीश वायु नंदन मिश्र ने आदेश में बताया कि यह मामला इस न्यायालय के प्राचीनतम पत्रावली की श्रेणी में आता है। इसमें पांच साक्षी परीक्षित हो चुके हैं। सिर्फ दीपक दुबे का परीक्षण होने के बाद यह केस अंतिम निस्तारण के करीब होगा। इस पत्रावली के शीघ्र निस्तारण का निर्देश उच्च न्यायालय द्वारा दिया गया है। एक्शन प्लान के तहत निस्तारित होने योग्य पत्रावलियों की सूची में भी यह प्रकरण शीर्ष पर है।
अपर सत्र न्यायाधीश ने आदेश में लिखा कि 42 बार वारंट जारी होने के बाद भी साक्षी उपस्थित नहीं हुआ। पुलिस अधीक्षकों द्वार उसको साक्ष्य के लिए उपस्थित कराने के बजाए उसे न्यायालय में अनुपस्थित रहने से संरक्षण देना लखनऊ के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व कन्नौज के वर्तमान पुलिस अधीक्षक की संवेदनहीनता और अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है।
पुलिस अधीक्षकों के हठधर्मिता के कारण 53 माह से साक्ष्य की कार्यवाही संपादित नहीं हुई है। इस कारण तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व कन्नौज के वर्तमान पुलिस अधीक्षक के खिलाफ यथोचित कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा है।
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