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छात्र को उल्टा लटकाने का मामला: मां बोली- बेटा उस स्कूल में नहीं पढ़ेगा, पिता ने कहा- गुरुजी ने दुलार में सजा दी

Mon, 01 Nov 2021 05:49 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर

सार

मिर्जापुर जिले के अहरौरा स्थित सद्भावना शिक्षण संस्थान में शरारत करने की सजा के तौर पर स्कूल संचालक ने बच्चे को छत से नीचे उल्टा लटकाया था। जिस पर छात्र के माता-पिता आमने-सामने आ गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के सद्भावना शिक्षण संस्थान में सोनू को छत के बार्जे (छज्जे) से उल्टा लटकाए जाने पर माता-पिता आमने सामने आ गए हैं। पिता का कहना है कि गुरुजी जब छूटकर आ जाएंगे तभी बच्चा स्कूल जाएगा। मां विनीता यादव का कहना है कि उसका बच्चा अब उस स्कूल में नहीं जाएगा। पिता रंजीत यादव का कहना है कि प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई की है। गुरुजी ने दुलार में सजा दे दी है।

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नगर के उत्तरी छोर पर घनी आबादी से दूर एकांत में स्थित सद्भावना शिक्षण संस्थान में बुधवार की दोपहर कक्षा दो के छात्र सोनू की चुलबुली और शरारती हरकतों से तंग आकर बच्चों के गुरुजी (शिक्षक) और संस्थान के प्रबंधक ने सोनू को बालकनी से उल्टा लटका दिया था। फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

इस तालिबानी सजा से सकते में आए जिला प्रशासन ने आनन-फानन प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश देते हुए गिरफ्तारी का फरमान जारी कर दिया और गुरु जी व प्रबंधक मनोज कुमार विश्वकर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मौके पर बीएसए स्वयं पहुंचे थे।

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प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी की जांच के दौरान सद्भावना शिक्षण संस्थान के प्रत्याहरण हेतु कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। बच्चों के भविष्य का ख्याल रखते हुए नजदीकी निजी और सरकारी विद्यालयों में बच्चों के शिफ्टिंग की तैयारी शुरू कर दी गई। लेकिन विद्यालय पहले की तरह खुलता रहा। यह अलग बात है कि विद्यालय की छात्र संख्या आधी रह गई है।

सोमवार को कुल छात्रों की संख्या के मुकाबले 395 बच्चे शिक्षण संस्थान में मौजूद रहे। सोनू को मिली इस कठोर सजा से नाराज मां विनीता यादव ने कहा अब मेरा बच्चा उस स्कूल में नहीं पढ़ेगा। इन सब से इतर स्कूल परंपरागत रूप से यथावत खुल रहा है तथा बच्चों की छात्र संख्या कम होने के बावजूद शिक्षक गण की पूर्णतया मौजूदगी बनी हुई है। प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मीडिया को जिम्मेदार मानते हुए विद्यालय प्रबंध तंत्र द्वारा स्कूल में मीडिया कर्मियों के प्रवेश को पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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