जिस उम्र में बच्चे पढ़ाई कर अपना भविष्य बनाने का सपना बुनते हैं, उस उम्र में कुछ युवा महज शौक पूरे करने के लिए जरायम के रास्ते पर निकल गए। परीक्षितगढ़ पुलिस ने जिस गिरोह का पर्दाफाश किया, उसमें चौंकाने वाली बात इन बदमाशों की उम्र थी। 21 वर्ष से अधिक उम्र का कोई नहीं था। दो किशोर भी गिरोह के सदस्य थे। सवाल खड़ा होता है कि क्या उनके परिजन इनकी हरकतों से अंजान थे। अगर नहीं तो उनके द्वारा इन्हें रोका क्यों नहीं गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल की उम्र 21 साल है। हाईस्कूल पास है। उस पर पांच से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वह पंजाब में भी हथियार सप्लाई के मामले में जेल जा चुका है। 19 साल के अंकुर ने इंटर पास कर अपराध करने शुरू कर दिए। उस पर चार से ज्यादा मुकदमे हैं। परिजनों ने विरोध किया तो वह घरवालों से अलग बली गांव में बुआ के यहां रह कर अपराध करने लगे। बीस साल के चाहत कश्यप पर तीन मुकदमे दर्ज मिले हैं। वह बदमाश बनकर दबदबा बनाना चाहता है। कई बाद झगड़े और फायरिंग कर उसने दबंगाई दिखाई।
बताया गया कि 11वीं कक्षा के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी और अपने शौक पूरा करने के लिए गिरोह में शामिल होकर लूटपाट करने लगा। 21 बरस के हनी गुर्जर ने 12वीं पास कर पढ़ाई छोड़ दी। उसकी आपराधिक गतिविधियों को देख परिजनों ने अलग कर दिया। वह मवाना में किराए के मकान में रहता है। लूटपाट के बाद गिरोह के साथी उसके कमरे में आकर छिपते थे। ऐंची कलां का 21 वर्षीय अभिषेक नागर ने आठवीं पास कर पढ़ाई छोड़ दी। वह शातिर अपराधी बन गया। शॉर्ट कट से रुपये कमाने के लिए हथियारों की सप्लाई करने लगा। वह गणेशपुर में एक शराब के ठेके पर भी काम करता है। बदमाश अक्सर वारदात कर यहां आकर छिप जाते थे।
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सेना में जाना चाहता था अंकुश
दुर्वेशपुर निवासी 19 वर्षीय अंकुश गर्जर 12वीं की पढ़ाई के बाद सेना में जाना चाहता था, वह तैयारी भी कर रहा था, लेकिन गलत संगत ने उसे अपराधी बना दिया। 19 साल के आरोपी नाजिम ने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह कपड़े की दुकान पर काम करने लगा। यहीं इसकी मुलाकात गिरोह के अन्य लोगों से हुई और वह भी लूटपाट करने लगा।
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