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Meerut: गुदड़ी बाजार ट्रिपल मर्डर में शम्मी दोषी करार, जानें कौन-कौन सी जेल में बंद हैं इजलाल समेत 10 दोषी

Fri, 04 Apr 2025 09:59 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

इस हत्याकांड में दस आरोपियों को पहले ही सजा हो गई थी। शम्मी को भी दोषी करार दे दिया गया। शनिवार को उसे सजा सुनाई जाएगी। इस केस में पीड़ितों को 16 साल बाद इंसाफ मिला है।
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गुदड़ी बाजार में इन तीनों युवकों की हत्या की गई थी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में इजलाल कुरैशी समेत 10 दोषियों को जहां कोर्ट पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। वहीं, इस मामले में एक और आरोपी शम्मी को भी कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी करार दिया। कि शनिवार को कोर्ट शम्मी को सजा सुना सकता है।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड का मुख्य आरोपी इजलाल। - फोटो : अमर उजाला
कोतवाली थानाक्षेत्र के गुदड़ी बाजार में 22 मई 2008 की रात तीन दोस्तों सुनील ढाका, पुनीत गिरि, सुधीर उज्जवल की हत्या की गई थी। इजलाल को मुख्य आरोपी बनाया गया था। तिहरे हत्याकांड में कोर्ट ने अगस्त 2024 को 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 6 कैदियों इजहार, देवेंद्र आहूजा, वसीम, अब्दुल रहमान उर्फ कलुवा, बदरुद्दीन और रिजवान को आगरा सेंट्रल जेल भेजा जा चुका है। इजलाल कुरैशी, उसके भाई अफजाल और महराज मेरठ जेल में हैं। अब शम्मी को भी दोषी करार दे दिया गया है।
 

गुदड़ी बाजार हत्याकांड की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
इंसाफ के लिए 16 साल का इंतजार
तिहरे हत्याकांड के दोषियों को सजा मिलने में 16 साल से ज्यादा लग गए। इस मुकदमे में 1258 तारीख लगीं। 39 लोगों की गवाही हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुकदमे की सुनवाई एक साल से रोजाना हो रही थी। 22 अगस्त 2008 को कोतवाली पुलिस ने तिहरे हत्याकांड में 14 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। 
 
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो गई। अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुकदमे में रोजाना सुनवाई करने के आदेश दिए। दस जुलाई 2024 तक तक लगातार हर रोज सुनवाई हुई। इससे पहले इजलाल और दूसरे आरोपियों की तरफ की हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई गई, लेकिन प्रार्थना पत्र खारिज हुआ। 14 साल तक सभी को जेल में रहना पड़ा। 2023 में इजलाल पक्ष की तरफ से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई, 14 साल जेल में रहने के चलते जमानत मिल गई थी। सजा मिलने पर दोषियों को जेल भेज दिया गया। 

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