गुरु ऋण चुकाया नहीं जा सकता : रजनीकांत
गुुरुजन सम्मान समारोह व कजरी महोत्सव में बोले विधायक
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। संस्कार भारती की तरफ से वेलकम हाउस में गुरु सम्मान और कजरी महोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें शिक्षकों को गीता देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि जो अमूल्य निधि गुरु देता है। उसे चुकाया नहीं जा सकता। संस्कार भारती की ओर से गुरुजनों के सम्मानित करने का कार्यक्रम सराहनीय है। गुरुजनों का सम्मान व आदर करना सबका दायित्व है। उनके सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। इसके बाद संस्कार भारती के कलाकारों ने लोकगीत कजरी की शुरूआत गणेश वंदना से की। कजरी गीत की प्रस्तुति में सुनंदा शर्मा ने मिर्जापुर कइल गुलजार हो, निधि शर्मा ने पिया मेंहदी लिया द मोती झील से, प्रियंका द्विवेदी ने बड़ा दर्द होला भांग के पिसाई में, अर्चना ने सावन झरे लागे ओ धीरे-धीर, रजनी गुप्ता ने रिमझिम पड़ेला फूहराव, सुनील मिश्र ने हरे रामा रिमझिम बरसे, अतुल भारती ने बिरन भैया रहे चाहे जाय हो, दिनेश तिवारी ने रेलिया बैरन, डॉ. अंबरीष विश्वकर्मा ने असो सावन में हमके देखा द पिया व विंध्यवासिनी मां को रिझाने वाला कजरी प्रस्तुत कर श्रोताओं को गदगद कर दिया। इसमें रवि पाठक, हैप्पी व शिवम ने वाद्ययंत्रों पर संगति दी। शिवांगनी ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थाध्यक्ष डॉ. अनिल सिन्हा और संचालन सुरेश प्रसाद गुुप्त ने किया। इस दौरान आलोक श्रीवास्तव, अशोक जैन, शशि प्रभा सिन्हा, वीरेश राय, अरुण राय, चंद्रभान गुप्ता, अनिल प्रताप राव, चंद्रप्रभा पांडेय, दिव्येंदु मणि, अशोक कुमार, महादेव, राजेेंद्र शर्मा, केशव सिंह, चंदन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
इनका हुआ सम्मान
सम्मान समारोह में गुरुजनों को गीता की पुस्तक, अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। इसमें डॉ. पारस नाथ श्रीवास्तव, रविंद्र मिश्र, इंद्रासन प्रसाद, डॉ. बच्चा पांडेय, डॉ. दयाशंकर त्रिपाठी, गुलाब चंद गुप्ता, पंडित सुरेश पांडेय, डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र तिवारी, प्रियंका द्विवेदी, भंते महेंद्र, स्मृतिशेष के रूप में केदारनाथ गुप्त के पुत्र अमिय गुप्त शामिल रहे।