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पब्जी न खेलें, 5जी की स्पीड से करियर में आगे बढ़ें

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फोटा-11-रसखान प्रेक्षागृह के सभागार में मौजूद सीएसएन के छात्र-छात्राएं - फोटो : HARDOI
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हरदोई। सीएसएन पीजी कॉलेज के 659 छात्र-छात्राओं को कॅरियर टिप्स के साथ टैबलेट व स्मार्ट फोन के तोहफे मिले। राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल इसके सही इस्तेमाल की सीख भी दी। कहा कि स्मार्ट फोन का प्रयोग पब्जी खेलने में न करें। तकनीक के साथ 5जी स्पीड से कॅरियर में आगे बढ़ें। कोरोना जैसी आपदा के समय तकनीक ही बच्चों को शिक्षा से जोड़ रही थी। इसी अनुुुभव के आधार पर डीजी योजना के तहत तकनीकी उपकरणों का वितरण शुरू किया गया है।
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शहर के रसखान प्रेक्षागृह में शुक्रवार को 262 छात्र-छात्राओं को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नितिन अग्रवाल की मौजूदगी में उपकरणों टैबलेट और स्मार्टफोन का वितरण किया गया। 397 अभ्यर्थियों को सीएसएन कालेज कैम्पस में कालेज प्राचार्य व स्टाफ ने टैबलेट और स्मार्ट फोन बांटे। डीएम अविनाश कुमार, सीडीओ आकांक्षा राना, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. सदानन्द गुप्ता, सीएसएन पीजी कालेज के प्रचार्य डॉ. कौशलेन्द्र कुमार सिंह, जीडीसी के प्रचार्य डॉ. नेत्रपाल सिंह, जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार मौजूद रहे।
सीएसएन में ऑडिटोरियम की मांग उठी
सीएसएन पीजी कालेज में ऑडिटोरियम (सभागार) न होने का मामला डीएम अविनाश कुमार ने राज्यमंत्री के सामने उठाया। कहा कि यदि सीएसएन के पास अपना ऑडिटोरियम होता तो कालेज के सभी बच्चे समारोह में शामिल हो पाते। ऑडिटोरियम के लिए कालेज प्रबंधन ने उनसे मांग की है इसलिए वह राज्यमंत्री से यहां सहयोग की मांग कर रहे हैं। इसके बाद राज्यमंत्री ने अपने संबोधन में डीएम से हाल का स्टीमेट तैयार कराने की बात कही। कहा कि वह अपनी निधि से इस कार्य में पूरा सहयोग करेंगे।
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दिल में रह गई टीस
सीएसएन पीजी कालेज के ऐसे 397 छात्र-छात्राओं के मन में समारोह में शामिल न हो पाने की टीस रह गई। तोहफा तो मिला, लेकिन रसखान प्रेक्षागृह में राज्यमंत्री के हाथों से नहीं। दरअसल, सीएसएन कालेज के पास अपना कोई हॉल नहीं है। जबकि रसखान प्रेक्षागृह में भी 262 अभ्यर्थियों को ही बैठाए जाने की व्यवस्था थी। इसलिए राज्यमंत्री के कार्यक्रम में सभी 659 बच्चे एक साथ नहीं पहुंच सके।
शुक्रवार के टैबलेट व स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में 23 अभ्यर्थी किन्हीं कारणों से शामिल नहीं हो सके। कालेज में 682 छात्र-छात्राओं का डीजी योजना में पंजीकरण है। इनमें से 659 अभ्यर्थी कार्यक्रम में शामिल हुए। कालेज प्राचार्य डा. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि अनुपस्थित छात्रों को उपस्थित होने पर कालेज में ही उपकरण बांट दिए जाएंगे।
मन में कसक भी
रसखान प्रेक्षागृह में राज्यमंत्री के हाथों से तोहफा पाने वाले युवाओं की खुशी तो चेहरे पर झलक ही रही थी, लेकिन मन में एक छोटी सी कसक भी थी। उन्हें कहीं से पता चला कि टैबलेट और स्मार्टफोन में व्हाट्सएप और ट्वीटर जैसे हैंडल्स काम नहीं करेंगे। इस पर एमए फाइनल के छात्र ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि व्हाट्सअप सूचनाओं के आदान-प्रदान का सबसे बेहतर माध्यम है।
इसका प्रयोग फालतू चैटिंग के अलावा कोचिंग क्लासेज में स्टडी मटेरियल साझा करने के लिए भी होता है। ज्ञानेंद्र की इस बात का एमए फाइनल की छात्रा नैंसी गुप्ता, अर्पिता सिंह और बीए फाइनल के आकाश वर्मा ने भी समर्थन किया। हालांकि किसी ने भी टैबलेट या स्मार्टफोन का प्रयोग नहीं किया था, इसलिए इनके गैजेट्स की पर्याप्त जानकारी नहीं थी।

फोटो-10-शहर के रसखान प्रेक्षागृह में टैबलेट व स्मार्टफोन पाने वाले अभ्यर्थी, साथ में राज्यमंत्री ?- फोटो : HARDOI

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