पत्योरा (हमीरपुर)। करीब 50 हजार पशु क्षेत्र में हैं। इन मवेशियों का अभी तक पशुपालन विभाग टीकाकरण नहीं कर सका है। जिससे पशु गलाघोंटू, खुरपका व मुंहपका आदि रोग से ग्रसित होकर मौत के गाल में समा रहे हैं। जिससे पशुपालक परेशान हैं।
पत्योरा निवासी पशुपालक रामराज निषाद ने बताया दो साल की उनकी पड़िया के गले में मंगलवार को अचानक तकलीफ हुई। इस पर पशु चिकित्सक को बुलाकर इलाज कराया। मगर बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। जिससे करीब 30 हजार का नुकसान हुआ है। वहीं सुखराम खंगार का एक पड़वा मगर गया। इसी प्रकार मजरा मुच्छीताला में दो पशुपालकों की दो भैंसें गलाघोंटू से मर गई।
सुरौली बुजुर्ग निवासी कृष्णपाल सिंह ने बताया बाढ़ से पूरा गांव घिरा है। जिससे पशुओं की सबसे अधिक समस्या है। कई मवेशी बीमार होकर दम तोड़ चुके हैं। बताया अभी तक गांव में पशुपालन विभाग ने टीकाकरण नहीं कराया है। वहीं देवगांव निवासी राकेश महाराज ने कहा हर साल टीकाकरण बरसात के पहले हो जाता था। लेकिन इस बार टीकाकरण नहीं हुआ है। अभी तक करीब आधा दर्जन पशु दम तोड़ चुके हैं। यही हाल कारीमाटी, टिकरौली, सिडरा, पाराओझी आदि गांवों का है।
पशुओं में जानलेवा बीमारी से निजात दिलाने को टीकाकरण कराया जा रहा है। अभी तक कितना टीकाकरण हुआ इसकी अभी रिपोर्ट नहीं प्राप्त हुई है। जिन गांवों में बीमारी का ज्यादा प्रकोप है। वहां जल्द ही टीम भेजकर पशुओं को टीकाकरण कराया जाएगा। - डा. एके यादव, सीबीओ