नालबंद पुलिस चौकी के पास ईद की तैयारी को लेकर खरीदारी करतीं महिलाएं
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फिरोजाबाद। ईद-उल-अजहा में चंद दिन शेष रह गए। हर घर में तैयारी शुरू हो गई है। अल्लाह का हुक्म मानते हुए कुर्बानी के लिए कोई बकरा तो कोई अन्य जानवर खरीद रहा है। सोमवार को बाजार खुला तो भीड़ दिखाई दी। महिलाएं बच्चों एवं खुद के लिए घरेलू सामान के साथ कपड़ों की खरीदारी करते दिखाई दीं। आगाशाही मस्जिद से लेकर जाटवपुरी चौराहे तक के बाजार में सर्वाधिक भीड़ लगी दिखाई दी। मेहमानों के लिए सिंवई के साथ फेनी की खरीदारी का क्रम चलता रहा।
कोरोना संक्रमण के चलते ईद-उल-फितर तो लॉकडाउन एवं पुलिस के सख्त पहरे के बीच मनाया था कोई खरीदारी तक नहीं की थी। ईद-उल-अजहा के मौके पर कोरोना संक्रमण के चलते कम ही खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन बाजारों में भीड़ दिखाई देने लगी। सोमवार को अनलॉक के साथ ही बाजार खुले तो महिलाएं सुबह से खरीदारी करने को निकल पड़ीं। इस तरह का नजारा हाजीपुरा मार्केट के साथ नालबंद, उर्वशी रोड के साथ नाले की पुलिया, नालबंद चौराहे के बाजार में देखने को मिला। दुकानदारों का कहना था कि ग्राहक तो आ रहे हैं लेकिन पहले जैसी खरीदारी नहीं कर रहे हैं, लेकिन चलो लॉकडाउन से बेहतर है।
बकरा मंडी में बकरे कम, ग्राहक दिखे ज्यादा
फिरोजाबाद। लॉकडाउन के चलते बकरा मंडी सीमित रह गई है। गांव के किसान सीधे मंडी में बकरों की बिक्री करने के लिए नहीं आ रहे है। रसूलपुर डाकबंगला के समीप बकरों की संख्या काफी कम थी। जबकि ग्राहक ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। व्यापारियों का कहना था कि पहले इटावा, औरैय्या, मैनपुरी, फर्रुखाबाद तक के व्यापारी बकरों को वाहनों के माध्यम से बिक्री करने के लिए लाते थे। कोरोना संक्रमण के कारण लोग खरीदारी कम कर रहे हैं। बाहर के व्यापारी भी बकरों की खरीदारी करके रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। पिछले वर्ष बकरे 40 हजार कीमत तक के बिके थे। सोमवार को सर्वाधिक 25 हजार कीमत का एक बकरा बिका है।