दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की ओर कूच करने के बाद से ही भाजपा के खेमे में हलचल मची हुई है। पार्टी ने राकेश टिकैत समेत अन्य किसान नेताओं को जवाब देने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में किसान आंदोलन के प्रभाव से निपटने के लिए आठ सूत्रीय फॉर्मूला तैयार किया है। इसके सहारे पार्टी किसानों तक अपनी बातें पहुंचाएगी और उनकी नाराजगी को भी दूर करेगी।
पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद ने अमर उजाला को बताया कि राकेश टिकैत के उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन करने और चुनाव के दौरान रैलियां करने की घोषणा के बाद से पार्टी ने इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। जहां तक राकेश टिकैत का सवाल है, तो उनके संगठन का प्रभाव पूरे यूपी में नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वे पार्टी को नुकसान जरूर पहुंचा सकते हैं। इसलिए पार्टी पश्चिमी यूपी में अपनी ताकत झोंक रही है। इसलिए इस क्षेत्र में पार्टी ने अपने दिग्गज नेता मंत्री संजीव बालियान, राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर सहित प्रदेश स्तर के कई बड़े मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इन नेताओं को किसानों के बीच जाकर पार्टी की सकारात्मक छवि बनाने को कहा गया है।