बांदा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मदाह के प्रयास में गिरफ्तार की गई महिला समाजसेवी ऊषा निषाद की अदालत ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली। वह पहली जून से जेल में हैं।
समाजसेवी आशीष सागर दीक्षित के विरुद्ध चिंगारी संगठन की महिलाओं की ओर से छेड़छाड़ आदि की दर्ज कराई रिपोर्ट के विरोध में ऊषा निषाद कई महिलाओं के साथ पहली जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय गईं थीं। एफआईआर को झूठा बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। फिर खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। वहां पहले से मौजूद पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया और रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उसी दिन अदालत में पेश करके जेल भेज दिया था।
सोमवार को फौजदारी के अधिवक्ता अशोक दीक्षित ने ऊषा निषाद की जमानत अर्जी पर पैरवी की। दलीलें सुनने के बाद एसीजेएम प्रथम गरिमा सिंह ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली। 20-20 हजार रुपये की जमानतें दाखिल करने का आदेश दिया। (संवाद)