औरैया। 50 शैया अस्पताल में रविवार छुट्टी का दिन होने के चलते दूरदराज से आए लोगों को कोरोना रोधी टीका नहीं लग सका। टीकाकरण करने वाले डॉक्टर, एएनएम, जीएनएम व टेक्नीशियन सभी छुट्टी पर रहे। जिससे बिना जानकारी के दूर-दूर से आए बुजुर्गों को काफी इंतजार के बाद बिना डोज लगवाए ही लौटना पड़ा। यहां तक कि वैक्सीनेशन रूम के बाहर टीका न लगने की कोई जानकारी तक चस्पा नहीं की गई थी। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग की मनमानी को लेकर खासी नाराजगी रही।
छुट्टी का दिन होने व कई दिनों बाद मौसम साफ होने के चलते 50 शैय्या अस्पताल में रविवार को काफी संख्या में लोग टीका लगवाने पहुंचे थे। इनमें कई बुजुर्ग व महिलाएं कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज लगवाने भी पहुंचे थे। अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित वैक्सीनेशन रूम तक बुजुर्ग सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे, लेकिन यहां पर सिर्फ खाली मेज व कुर्सियां ही थीं। जानकारी चस्पा न होने से लोग काफी देर तक वैक्सीनेशन रूम का दरवाजा खुलने के इंतजार में खड़े रहे।
लोगों ने डॉक्टर, एएनएम व अन्य स्टाफ का इंतजार किया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक जब कोई नहीं आया तो लोग लौटने लगे। इस दौरान विभाग की मनमानी को लेकर लोगों में खासी नाराजगी रही। लोगों का कहना था कि ज्यादातर स्थानों पर रविवार को विशेष शिविर लगाकर टीकाकरण किया जाता है, जबकि 50 शैया अस्पताल में आज ही के दिन टीकाकरण बंद है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोई नोटिस तक चस्पा नहीं की। मौके पर वैक्सीनेशन को लेकर कोई जानकारी देने वाला भी मौजूद नहीं था।
फोटो-30एयूआरपी21- रामचंद्र तिवारी। संवाद
गांव अटा बरौआ निवासी रिटायर्ड कर्मी राम चंद्र तिवारी ने बताया कि वह बूस्टर डोज लगवाने आए थे। काफी देर तक डॉक्टरों का इंतजार किया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। उनका गांव लगभग यहां से 12 किलोमीटर दूर पड़ता है। कई दिनों से मौसम खुलने का इंतजार कर रहे थे।
फोटो-30एयूआरपी22 - लख्मीचंद्र
शहर के मोहल्ला रुहाई निवासी लक्ष्मीचंद्र ने बताया कि सुबह बूस्टर डोज लगवाने के लिए 50 शैय्या अस्पताल गए थे। यहां पहुंचने पर पता चला कि कोई स्टाफ नहीं आया। टीकाकरण कक्ष में भी सन्नाटा पसरा था। दरवाजे भी बाहर से बंद थे। मजबूरी में बिना वैक्सीन लगवाए लौटना पड़ा।
बोले जिम्मेदार----
रविवार को छुट्टी होने कारण वैक्सीनेशन नहीं किया गया। इस वजह से स्टॉफ भी नहीं आया। अस्पताल गेट पर ही जानकारी चस्पा कर दी जाती है। ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े। वैक्सीनेशन रूम के बाहर सूचना क्यों नहीं चस्पा की गई, इसका पता कराया जाएगा। दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ.शिशिर पुरी, एसीएमओ।