पूर्व में डीपीओ हो चुके हैं निलंबित
जनवरी, 2021 में एटा से बच्चा जेल में लाए गए किशोर की खून की उल्टियां के बाद मौत हो गई थी। जांच में किशोर टीबी रोगी निकला था। किशोर गृह में बच्चे को रखते समय उसकी जांच नहीं की गई थी। मामले में मार्च में शासन ने तत्कालीन डीपीओ लवकुश भार्गव और संप्रेक्षण गृह अधीक्षक रतन सिंह को निलंबित कर दिया था।
खिड़की तोड़कर भागे थे पांच किशोर
राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह से दिसंबर, 2019 में पांच किशोर खिड़की तोड़कर फरार हो चुके हैं। जिनमें से चार किशोरों को पुलिस ने बाद में पकड़ लिया था। इससे पहले जनवरी, 2017 में भी तीन किशोर बच्चा जेल से फरार हो चुके हैं।