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आगरा: बिजली विभाग का जेई बनकर ठगे 50 लाख, 12 गांवों के लोगों को बनाया 'शिकार'

Thu, 19 Aug 2021 03:58 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

 एक पीड़ित की शिकायत पर थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।  
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आरोपी राजकुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजली बिल कम हो जाएगा। सिर्फ आधी रकम जमा करनी होगी। रेलवे विभाग में नौकरी लगवा देगा। दो से तीन लाख रुपये खर्च करने होंगे। मीटर रीडिंग लेने वाला राजकुमार खुद को जेई बताकर लोगों को ठग रहा था। तीन साल में तकरीबन 30 से 40 लोगों को ठगी का शिकार बना चुका था। एक पीड़ित की शिकायत पर थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।  

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थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक कमलेश सिंह ने बताया कि आरोपी राजकुमार मूलरूप से डींग, भरतपुर का निवासी है। इस समय वह 33/31 केवी विद्युत उपकेंद्र, सिकंदरा मंडी के सामने रह रहा था।
राजकुमार बिजली विभाग में निजी ठेकेदार का कर्मचारी था। इस कारण सब स्टेशन में आता था। वह घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने का काम करता था। इस दौरान लोगों से बात करके बिजली बिल आधा कराने और नौकरी लगाने का झांसा देता था। खुद को जूनियर इंजीनियर बताता था। उसके सिकंदरा, अछनेरा और फरह के तकरीबन 12 गांव के 30-40 लोगों से ठगी की जानकारी मिली है। छह महीने से फरार चल रहा था और नौकरी पर नहीं आ रहा था। 

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बिल आधा हो जाएगा, नौकरी भी लग जाएगी
आगरा पुलिस की पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि राजकुमार लोगों से कहता था कि बिजली का बिल आधा हो जाएगा। इसके लिए कुछ रकम देनी होगी। उसकी सेटिंग रेलवे और बिजली विभाग में अच्छी है। दो से तीन लाख में नौकरी लगवा देगा। इससे लोग उसके झांसे में आ जाते थे। कई पीड़ित तीन साल से उसके पीछे लगे थे। उसने रुपये लेने के बाद बिजली का बिल जमा नहीं कराया। किसी की नौकरी भी नहीं लगी। फोन करके रुपये वापस मांगने पर टालमटोल करता था। लोग उसकी तलाश कर रहे थे। 

भाई की नौकरी, बहन के बिल कम कराने को लिए 2.65 लाख 
अछनेरा के गांव कीठम निवासी सारिफ से राजकुमार ने वर्ष 2020 में दो लाख रुपये लिए थे। उसे आश्वासन दिया था कि रेलवे में नौकरी लगवा देगा। डौकी के कौलारा कलां में रहने वाली सारिक की बहन निशा से बिजली का बिल कम कराने के लिए 65 हजार रुपये लिए थे। उनका बिल एक लाख रुपये का आया था। इसके बावजूद राजकुमार ने न तो नौकरी लगवाई और न ही बिजली का बिल कम कराया। उसकी रसीद तक नहीं दी। वह पैसा नगद ही लेता था, जिससे किसी तरह की लिखापढ़ी में नहीं आए। सारिफ की तहरीर पर ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मुकदमे में ही अन्य लोगों की शिकायत को शामिल किया गया है। 
 
 
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पीड़ितों ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत 
आरोपी राजकुमार के पकड़े जाने की जानकारी पर बड़ी संख्या में ग्रामीण थाना सिकंदरा पहुंच गए। उन्होंने भी अपने साथ हुई ठगी की जानकारी पुलिस को दी। इनमें डौकी निवासी सूरज से 65 हजार रुपये, कीठम निवासी विशन स्वरूप से 21300 रुपये, श्रीकृष्ण शर्मा से 22 हजार रुपये, ओमप्रकाश से 60 हजार रुपये, रामकुमार से 53 हजार रुपये, उमेश से 15 हजार रुपये, अरसेना निवासी बद्री प्रसाद से 15 हजार रुपये, विमलादेवी से 20 हजार रुपये लिए थे। यह सब रकम बिजली का बिल कम कराने के नाम पर ली गई। लोगों का बिल 50 हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक था। इस पर आधी रकम जमा करने का आश्वासन आरोपी दे रहा था। 
 
बिजली विभाग में शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई 
पीड़ितों ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह राजकुमार को ढूंढने जाते थे। इस पर वो छिप जाता था। बिजली विभाग में शिकायत करते थे। मगर, कोई सुनवाई नहीं करता था। उसे तलाशने में भी मदद नहीं की जाती थी। कई बार राजकुमार मिल भी जाता था, लेकिन रुपये लौटाने से इंकार कर देता था। पीड़ित सारिफ ने मुकदमे में लिखा है कि आरोपी ने कई लोगों से 50-60 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है।

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