मकर संक्रांति या उत्तरायण सूर्य के दक्षिणी गोलार्ध से उत्तरी गोलार्ध तक की यात्रा का उत्सव है,जो भारतीय मान्यताओं के अनुसार शुभ समय माना जाता है। सूर्य के उत्तरायण होने से सूरज की रौशनी की अवधि, हमारे शारीरिक और मानसिक ऊर्जा के स्तर को बढ़ता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया कोई भी पुण्य कार्य कई गुना बढ़कर फल देता है और जीवन में सुख समृद्धि लेकर आता है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार भी संक्रांति के दिन किया गया दान सौ गुना होकर वापस मिलता है, साथ ही ये इससे आपकी ग्रहदशा भी सुधरती है। संक्रांति के दिन इन चीजों का दान जरूर करना चाहिए, इससे आपके जीवन में खुशहाली आती है।
काला तिल
मकर संक्रांति पर सूर्यदेव मकर राशि में गोचर करते हैं और मकर राशि शनिदेव की राशि है। सूर्य और शनि पिता व पुत्र होने के बावजूद शत्रुता का भाव रखते हैं, लेकिन सूर्य का शनि के घर आकर रहना प्रेम का प्रतीक है। काले तिल का संबन्ध शनि से है। तिल के दान से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और कई तरह के दोष दूर होते हैं। इसलिए इस दिन काले तिल का अवश्य दान करें। इसी के साथ काले तिल के दान से सूर्यदेव भी अपनी कृपा बरसाते हैं।
गुड़
गुड़ का संबन्ध सूर्य देव से माना गया है ,साथ ही गुड़ का संबन्ध गुरू से भी है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गुड़ दान करने से गुरु और सूर्य से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर होती हैं। इन दोनों ग्रहों के बेहतर होने से करियर में बेहतर ग्रोथ मिलती है और मान-सम्मान और यश बढ़ता है।
कंबल
मकर संक्रांति पर सर्दी का मौसम होता है। ऐसे में कंबल का दान काफी अच्छा माना जाता है। इस दिन जरूरतमंद को कंबल का दान करने से राहु और शनि दोनों से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
खिचड़ी
मकर संक्रांति को खिचड़ी पर्व के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन खिचड़ी का भी दान किया जाता है। मान्यता है कि खिचड़ी एक तरह का अन्न दान है और शास्त्रों में अन्न दान को सबसे बड़ा दान बताया है। जो लोग इस दिन खिचड़ी का दान करते हैं उनके घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं रहती है।
दक्षिणा
मकर संक्रांति वाले दिन जितना हो सके अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करना चाहिए। इस दिन स्नान करने के बाद सूर्य देव को प्रातः अर्घ्य देने के बाद किसी ब्रह्मण को मंदिर जाकर कुछ पैसे दक्षिणा रूप में दें। ब्रह्मण दान से आपके पुण्य संचित होंगे और आपके सभी मनोरथ पूर्ण होंगे।
गाय का घी
सुख-समृद्धि के कारक गुरु बृहस्पित घी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस दिन गाय के दूध से बने घी का दान करना चाहिए। ऐसा करने से सूर्य देव और गुरु बृहस्पति दोनों की अपार कृपा बरसती है।
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