सरकार प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमेंट की स्थापना कर रही है। इसके बनने से प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों के बढ़ने की संभावना है। उद्योग विभाग के प्रवक्ता के अनुसार सरकार के अनेक प्रोत्साहनों के परिणामस्वरूप प्रदेश में औद्योगिकीकरण बढ़ा है।
कई जाने-माने औद्योगिक घरानों ने राज्य में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने को देव भूमि हिमाचल को अपनी कर्म भूमि चुना है। राज्य स्तरीय एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण ने इस अवधि के दौरान 247 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। कुल 12,571.83 करोड़ के निवेश को आकर्षित करने में सफलता मिली है। इनमें 24,760 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
बताया कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रिया आसान की है। सभी नए उद्यमों को अब ऑनलाइन या मैन्युअल रूप से केवल स्वयं प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सभी विभाग दस्तावेज प्रस्तुत करने के 15 दिन में अंतरिम पंजीकरण जारी करेंगे। 100 हिमाचलियों को रोजगार देने वाले लघु उद्योगों तथा अन्य उद्योगों को औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन रियायती दरों पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
सरकार ने स्टार्ट-अप के समर्थन के लिए राज्य के प्रमुख संस्थानों में ‘इनक्यूबेशन केंद्र’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। कम से कम पांच लोगों को रोजगार देने वाले तथा बैंकों से ऋण प्राप्त करने वाले ऐसे उद्योगों को तीन वर्षों के लिए 10 लाख के ऋण पर 4 प्रतिशत की दर से ब्याज उपदान दिया जाएगा। सरकार ने निर्णय लिया है कि नए उद्योगों को पंजीकरण को केवल 3 प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी ली जाएगी।
कई जगह विकसित कर रहे औद्योगिक क्षेत्र
ऊना के पंडोगा, कांगड़ा के कंदरोड़ी तथा सोलन जिले के दभोटा में तीन अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में उद्यमियों को आधुनिक बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।