गीता ज्ञान
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श्रद्धावान्ल्लभते ज्ञानं तत्पर: संयतेन्द्रिय:।
ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति॥
जो लोग अपनी इंद्रियों पर विश्वास और नियंत्रण रखते हैं, वे अपनी इच्छा से ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं और ज्ञान प्राप्त करने के बाद वे जल्द ही शांति प्राप्त कर लेते हैं। यह श्लोक बच्चों के सीखने के लिए बहुत उपयोगी है। यह उन्हें एकाग्रचित होकर अपने लक्ष्य की ओर ध्यान लगाने के लिए प्रेरित करता है।
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