कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाई जाती है। इस बार धनतेरस 2 नवंबर, मंगलवार को है। धनतेरस पर बर्तन, सोना-चांदी या धन-संपत्ति खरीदने की परंपरा काफी सदियों पुरानी है। धनतेरस पर मां लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि जी की एक साथ पूजा की जाती है जिससे धन-संपदा और सुख समृद्धि बनी रहे। जिस तरह धन तेरस पर चीजें खरीदने से घर में समृद्धि आती है, ठीक उसी तरह धनतेरस के दिन दान देने की भी परंपरा है। धनतेरस पर जरूरतमंदों को दान देने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और पूरे साल खूब धन-दौलत देती हैं। दान करने से हमें अक्षय पुण्य प्राप्त होता है और दान करने से हमारे द्वारा किये गए पाप कर्मो से आज़ादी मिल जाती है। शास्त्रों में दान को बहुत अधिक महत्व बताया गया है। जो दान बिना स्वार्थ के गुप्त रूप से किया जाता है वह बहुत ही पुण्यकारी माना जाता है। इससे व्यक्ति को पापकर्मों का नाश होता है और पुण्य कर्मों में बढ़ोत्तरी होती है। दान करते समय भी कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। यदि आप भी धनवान होना चाहते हैं तो धनतेरस पर कुछ चीजों का दान जरूर करें।