लेखन और जीवन के समग्र अवदान के लिए इस वर्ष अमर उजाला का सर्वोच्च शब्द सम्मान 'आकाशदीप'-हिंदी में प्रख्यात कवि व लेखक गोविंद मिश्र और हिंदीतर भाषाओं में गुजराती के विख्यात कवि, नाटककार और समालोचक सितांशु यशश्चंद्र को दिया जाएगा।
गोविंद मिश्र, हिंदी में प्रख्यात कवि व लेखक
1 अगस्त, 1939 को उत्तर प्रदेश के बांदा में जन्मे गोविंद मिश्र को हिंदी लेखन क्षेत्र में अद्वितीय अवदान के लिए यह सम्मान अर्पित होगा।
सितांशु यशश्चंद्र, विख्यात कवि, नाटककार और समालोचक
19 अगस्त, 1941 को कच्छ, गुजरात में जन्मे सितांशु यशश्चंद्र को गुजराती भाषा के आधुनिक कला-साहित्य में अप्रतिम योगदान के लिए चुना गया है।
श्रेष्ठ कृति सम्मान:
वर्ष 2023 में प्रकाशित श्रेष्ठ हिंदी कृतियों के लिए भी शब्द सम्मान की घोषणा कर दी गई है। इन सम्मानों में एक-एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं।
छाप: कथा वर्ग में युगल जोशी के उपन्यास 'अग्निकाल', कथेतर वर्ग में ध्रुव शुक्ल की कृति 'वा घर सबसे न्यारा' तथा कविता वर्ग में ज्योति चावला के संग्रह 'यह उनींदी रातों का समय है'।
थाप (पहली किताब): किंशुक गुप्ता की कृति 'यह दिल है कि चोर दरवाजा'।
भाषा-बंधु (भारतीय भाषाओं में अनुवाद) : 'तुम क्यों उदास हो' (पंजाबी मूल: 'कुलबीर बड़ेसरों') के हिंदी अनुवाद के लिए सुभाष नीरव को मिलेगा सम्मान।
...जिन्होंने कसौटी पर परखा