सुप्रीम कोर्ट
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ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि परिसर का धार्मिक चरित्र क्या था, यह देखना होगा। कोर्ट ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से पेश वकील हुजैफा अहमदी के उस तर्क पर यह टिप्पणी की, जिसमें 1992 के उपासना स्थल कानून के कारण केस सुने जाने के अयोग्य बताया गया था। कोर्ट ने कहा, 15 अगस्त, 1947 के दिन इसका जो धार्मिक स्वरूप होगा, उससे तय होगा कि इस मामले को सुना जा सकता है या नहीं? पढ़ें पूरी खबर