वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक आने वाला नया साल कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही खास रहने वाला है। कई ग्रहों की दशा, युति और राशि परिवर्तन के कारण साल 2024 अच्छा रहने वाला साल साबित हो सकता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि और गुरु ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनिदेव जहां कर्मफलदाता और न्याय के देवता हैं वहीं गुरु सभी ग्रहों में सबसे अच्छा फल देने वाले ग्रह माने जाते हैं। शनिदेव एक निश्चित अवधि में अपनी राशि परिवर्तन करते हैं। शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्ष तक रहते हैं। शनि के किसी एक राशि में रहने के कारण तीन राशियों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती और दो के ऊपर ढैय्या रहती है। इस तरह से शनि के दोबारा से उस राशि में आने में करीब 30 वर्षों का समय लगता है। शनि मौजूदा समय में कुंभ राशि में विराजमान हैं जो साल 2025 तक इसी में रहेंगे। इस दौरान शनि उदय, मार्गी अस्त की अवस्था में रहेंगे। शनि के अपनी स्वराशि कुंभ में मौजूद होने के कारण साल 2025 तक अपनी मूल त्रिकोण राशि में विराजमान रहेंगे। शनि के अपनी मूल त्रिकोण राशि में होने के कारण कुछ राशि का जातकों के लिए आने वाला समय बहुत अच्छा साबित हो सकता है। आइए जानते हैं शनि के केंद्र त्रिकोण में होने से किन राशियों को लाभ मिलेगा।