विज्ञापन

वायरल शायरी-दोस्त अब थकने लगे हैं...

काव्य डेस्क

Viral Kavya
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            दोस्त अब थकने लगे हैं 
        
                                                    
                            
किसी का पेट निकल आया है 
किसी के बाल पकने लगे हैं 

सब पर भारी-जिम्मेदारी है 
सबको छोटी मोटी कोई बीमारी है 

दिनभर जो भागते दौड़ते थे 
वो अब चलते चलते भी थकने लगे हैं 

पर ये हकीकत है 
सब दोस्त थकने लगे हैं 

किसी को लोन की फिक्र है 
कहीं हेल्‍थ टेस्ट का जिक्र है 

फुर्सत की सब को कमी है 
आंखों में अजीब सी नमी है 

कल जो प्यार के खत लिखते थे 
आज बीमे के फार्म भरने में लगे हैं 

पर ये हकीकत है 
सब दोस्त थकने लगे हैं 

नोट-सोशल मीडिया व्हटसएप से साभार
8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Shivam Awasthi

3 कविताएं

View Profile

Milan Thakur

5 कविताएं

View Profile