विज्ञापन

Social Media Poetry: तुम बोलो और हम दोहराएं, ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा

काव्य डेस्क

Viral Kavya
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            तुम बोलो और हम दोहराएं
        
                                                    
                            
ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा
तुम कह दो हम करते जाएं
ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा...

तुम अपने मन के राजा हो
हम भी अपना मन रखते हैं
तुम हिमगिरि होगे तो होगे
हम भी तो सावन रखते हैं
तुम चाहो तो गरजें चमकें
झोल तुम्हारे भरते जाएं
ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा
तुम बोलो और हम दोहराएं
ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा...

तुम सुरभित सुरभित उपवन हो
हम भी तो चंदन चंदन हैं
तुम हो राज दुलारे जग के
हम भी तो अरण्य नंदन हैं
तुम हंस दो तो खिल खिल जाएं
तुम रो दो तो झरते जाएं
ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा
तुम बोलो और हम दोहराएं
ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा...

तुमको हक़ है अपने सच को
चीख चीख कर सच कहने का
हमको भी तो हक़ है अपने
सच को खुल कर सच कहने का
दोनों के सच में सच क्या है
कल के यह इतिहास बताएं
लेकिन यह हमसे न होगा
तुम बोलो और हम दोहराएं
तुम बोलो और हम दोहराएं...!!

साभार: स्वामी ओमा द अक्क की फेसबुक वाल से साभार 

हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।


 
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all