पास हमारे कस्तूरी है
हमको मार दिया जायेगा!
साधे तीर शिकारी बैठे
छिपे हुए हैं नदी किनारे
हमसे ज्यादा धधक रहे हैं
उनकी प्यासों के अंगारे
शिकारियों की मजबूरी है
हमको मार दिया जायेगा!
हमको नहीं छिपा पायेगी
वन प्रांतर की यह हरियाली
हम न बचेंगे किसी दृष्टि से
जिससे एक दृष्टि भी डाली
देह सुनहरी सिन्दूरी है
हमको मार दिया जायेगा !
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केवल दोष हमारा यह है
हम वन में सुगंध बिखराते
वे हमको मारेंगे जिनके
दुर्गन्धों से भरे अहाते
उनकी तैयारी पूरी है
हमको मार दिया जायेगा!
साभार: ज्ञानप्रकाश आकुल की फेसबुक वाल से