विज्ञापन

राजेन्द्र कृष्ण: किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            


किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए
ज़माना गुज़रा है अपना ख़याल आए हुए

बड़ी अजीब ख़ुशी है ग़म-ए-मोहब्बत भी
हँसी लबों पे मगर दिल पे चोट खाए हुए

हज़ार पर्दे हों पहरे हों या हों दीवारें
रहेंगे मेरी नज़र में तो वो समाए हुए

किसी के हुस्न की बस इक किरन ही काफ़ी है
ये लोग क्यूँ मिरे आगे हैं शम्अ' लाए हुए
हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।
5 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all