विज्ञापन

Nida Fazli Ghazal: मोहब्बत में वफ़ादारी से बचिए

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  मोहब्बत में वफ़ादारी से बचिए 
जहाँ तक हो अदाकारी से बचिए 

हर इक सूरत भली लगती है कुछ दिन 
लहू की शो'बदा-कारी से बचिए 

शराफ़त आदमियत दर्द-मंदी 
बड़े शहरों में बीमारी से बचिए 
विज्ञापन

ज़रूरी क्या हर इक महफ़िल में बैठें 
तकल्लुफ़ की रवा-दारी से बचिए 

बिना पैरों के सर चलते नहीं हैं 
बुज़ुर्गों की समझदारी से बचिए 

2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all