विज्ञापन

निदा फ़ाज़ली: माँ की लोरी सा बच्चे के दूध कटोरे जैसा चाँद

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            


नील-गगन में तैर रहा है उजला उजला पूरा चाँद
माँ की लोरी सा बच्चे के दूध कटोरे जैसा चाँद

मुन्नी की भोली बातों सी चटकीं तारों की कलियाँ
पप्पू की ख़ामोशी शरारत सा छुप छुप कर उभरा चाँद

मुझ से पूछो कैसे काटी मैं ने पर्बत जैसी रात
तुम ने तो गोदी में ले कर घंटों चूमा होगा चाँद

परदेसी सूनी आँखों में शो'ले से लहराते हैं
भाबी की छेड़ों सा बादल आपा की चुटकी सा चाँद

तुम भी लिखना तुम ने उस शब कितनी बार पिया पानी
तुम ने भी तो छज्जे ऊपर देखा होगा पूरा चाँद
 
हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 
9 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Pandey

420 कविताएं

View Profile