विज्ञापन

Mohsin Naqvi: तुम्हें किस ने कहा था, दोपहर के गर्म सूरज की तरफ़ देखो

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            


तुम्हें किस ने कहा था
दोपहर के गर्म सूरज की तरफ़ देखो
और इतनी देर तक देखो
कि बीनाई पिघल जाए

तुम्हें किस ने कहा था
आसमाँ से टूटती अंधी उलझती बिजलियों से दोस्ती कर लो
और इतनी दोस्ती कर लो
कि घर का घर ही जल जाए

तुम्हें किस ने कहा था
एक अनजाने सफ़र में
अजनबी रहरव के हमरा दूर तक जाओ
और इतनी दूर तक जाओ
कि वो रस्ता बदल जाए

2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajan

30 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7450 कविताएं

View Profile