विज्ञापन

Eid Ul Fitr 2026: 'ईद' मौके पर 10 चुनिंदा शेर

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  ईद का चाँद जो देखा तो तमन्ना लिपटी
उन से तक़रीब-ए-मुलाक़ात का रिश्ता निकला
~ रहमत क़रनी

है ईद का दिन आज तो लग जाओ गले से
जाते हो कहाँ जान मिरी आ के मुक़ाबिल
~ मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
विज्ञापन

महक उठी है फ़ज़ा पैरहन की ख़ुशबू से
चमन दिलों का खिलाने को ईद आई है
~ मोहम्मद असदुल्लाह

आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद है
राग है मय है चमन है दिलरुबा है दीद है
~ आबरू शाह मुबारक

वादों ही पे हर रोज़ मिरी जान न टालो
है ईद का दिन अब तो गले हम को लगा लो
~ मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

ईद अब के भी गई यूँही किसी ने न कहा
कि तिरे यार को हम तुझ से मिला देते हैं
~ मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

माह-ए-नौ देखने तुम छत पे न जाना हरगिज़
शहर में ईद की तारीख़ बदल जाएगी
~ जलील निज़ामी

जो लोग गुज़रते हैं मुसलसल रह-ए-दिल से
दिन ईद का उन को हो मुबारक तह-ए-दिल से
~ ओबैद आज़म आज़मी

ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो
और कहियो कि कोई याद किया करता है
~ त्रिपुरारि

हम ने तुझे देखा नहीं क्या ईद मनाएँ
जिस ने तुझे देखा हो उसे ईद मुबारक
~ लियाक़त अली आसिम

हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।

5 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajiv Tyagi

423 कविताएं

View Profile

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile

Sanjay Nirala

42 कविताएं

View Profile