ख़ुशी से रब्त न रख ग़म से सिलसिला न मिला
दवा में ज़हर मिला ज़हर में दवा न मिला
मैं अपना प्यार भरा दिल किसी को क्या देती
तुम्हारे जैसा हसीं कोई दूसरा न मिला
बहुत तलाश किया हम ने शहर-ओ-सहरा में
ख़ुदा के चाहने वाले मिले ख़ुदा न मिला
जमी थी गर्द-ए-हवस दोस्तों के चेहरों पर
ब-क़द्र-ए-ज़र्फ़-ए-नज़र कोई आश्ना न मिला
मिरी 'अना' के शजर इस क़दर घनेरे थे
हवा चली तो हवा को भी रास्ता न मिला
~ अना देहलवी
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