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Urdu Poetry: मैं अपना प्यार भरा दिल किसी को क्या देती

उर्दू अदब
                
                                                         
                            ख़ुशी से रब्त न रख ग़म से सिलसिला न मिला
                                                                 
                            
दवा में ज़हर मिला ज़हर में दवा न मिला

मैं अपना प्यार भरा दिल किसी को क्या देती
तुम्हारे जैसा हसीं कोई दूसरा न मिला

बहुत तलाश किया हम ने शहर-ओ-सहरा में
ख़ुदा के चाहने वाले मिले ख़ुदा न मिला

जमी थी गर्द-ए-हवस दोस्तों के चेहरों पर
ब-क़द्र-ए-ज़र्फ़-ए-नज़र कोई आश्ना न मिला

मिरी 'अना' के शजर इस क़दर घनेरे थे
हवा चली तो हवा को भी रास्ता न मिला

~ अना देहलवी

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3 घंटे पहले

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