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शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी पल्लवी शर्मा ने किया सांग ऑफ़ यूनिटी का डिजिटल विमोचन

हरि कर्की

Halchal
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                                                  संगीत इंसान को प्रकृति से मिला तोहफ़ा है जिसकी अपनी अलग पहचान है। संगीत की भाषा प्रेम की भाषा है। संगीत का धर्म मनुष्यता है। संगीत अलग-अलग भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों के लोगों को जोड़ने का, उनको एक साथ लाने का काम करता है। संगीत की इसी विशेषता से परिचय कराते हुए शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी पल्लवी शर्मा ने वीडियो सन्देश के माध्यम से सांग ऑफ़ यूनिटी - "हे मेरे ईश्वर या मेरे अल्लाह हे मेरे नानक हे मेरे ईसा" का डिजिटल विमोचन किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह गीत आने वाले समय में सभी लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।

पल्लवी शर्मा ने सांग ऑफ़ यूनिटी - "हे मेरे ईश्वर या मेरे अल्लाह हे मेरे नानक हे मेरे ईसा" का श्रेय डॉ. गौतम काले को दिया। डॉ. गौतम काले पद्म विभूषण संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज के शिष्य हैं और संगीत गुरुकल के डायरेक्टर और मेंटर हैं।

सांग ऑफ़ यूनिटी को संगीत गुरुकुल के छात्र पृथ्वीराज सिंह सिसोदिया द्वारा लिखा एवं निर्देशित किया गया है और शुभम कानूनगो द्वारा इसे प्रस्तुत किया गया है।
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कोरोना काल में निर्मित इस गीत को लॉकडाउन का पालन करते हुए संगीत गुरुकल के छात्रों ने बहुत कलात्मकता ढंग से तैयार किया है। गीत को रिकॉर्ड करने से लेकर गीत को पूरा कर तैयार करने तक का सारा काम घर में रहकर किया गया है। इस गीत में 85 अलग स्थानों से, 85 वीडियो फुटेज और संगीत गुरुकल के 85 छात्रों की सुरीली आवाज़ को एक साथ मिलाकर तैयार किया है। गीत में इतनी आवाज़ों को दिखाने का मकसद भारत की विविधता में एकता दिखाना है। 

6 वर्ष पहले
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