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आज का शब्द: शक्त और सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" की कविता- प्राप्ति

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- शक्त, जिसका अर्थ है- समर्थ या शक्तिवान। प्रस्तुत है सूर्यकांत त्रिपाठी ''निराला'' की कविता- प्राप्ति 
        
                                                    
                            

तुम्हें खोजता था मैं,
पा नहीं सका,
हवा बन बहीं तुम, जब
मैं थका, रुका ।

मुझे भर लिया तुमने गोद में,
कितने चुम्बन दिये,
मेरे मानव-मनोविनोद में
नैसर्गिकता लिये;

सूखे श्रम-सीकर वे
छवि के निर्झर झरे नयनों से,
शक्त शिराएँ हुईं रक्त-वाह ले,
मिलीं - तुम मिलीं, अन्तर कह उठा
जब थका, रुका ।

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4 महीने पहले
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