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आज का शब्द: बतास और चंद्रकांत देवताले की कविता- उसे पता तक नहीं

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- बतास, जिसका अर्थ है- वायु, हवा, समीर। प्रस्तुत है चंद्रकांत देवताले की कविता- उसे पता तक नहीं
        
                                                    
                            

झुक-झुक कर चूम रहे फूल जिसके होंठों को
बतास में महक रही चंदन-गंध
जिसकी जगमगाती उपस्थिति भर से

जिसकी पदचापों की सुगबुगाहट ही से
झनझनाने लगे ख़ामोश पड़े वाद्य
रोशन हो रहे दरख़्तों-परिन्दों के चेहरे

उसे पता तक नहीं
सपनों के मलबे में दबा
कहीं कोई मर रहा है
उसके लिए...

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