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नोबल पुरस्कार विजेता जर्मन कवि हरमन हेस की कविता- सुख

काव्य डेस्क

Vishwa Kavya
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                                                  हरमन हेस (Hermann Hesse) एक जर्मन उपन्यासकार, कहानीकार और कवि थे। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जर्मन साहित्यकार हरमन हेस मुख्य रूप से अपने तीन उपन्यासों सिद्धार्थ, स्टेपेनवौल्फ़ और मागिस्टर लुडी के लिए जाने जाते हैं। उन्होनें कविताएं भी लिखीं और पेंटिंग्स भी बनाईं है। उन्हें 1946 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया। 

जब तक तुम सुख के पीछे भागते हो,
परिपक्व नहीं हो तुम सुखी होने के लिए
इतने भी नहीं कि वह तुम्हें रास्ते में मिले। 
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जब तक तुम खोए हुए का विलाप करते हो
तुम्हारा लक्ष्य है और तुम बेचैन हो
तुम तब नहीं जानते कि अमन-चैन क्या है। 

किन्तु यदि तुमने हर इच्छा त्याग दी है
और तुम किसी लक्ष्य को पाने की इच्छा नहीं रखते
सुख का तुम अब कोई नाम नहीं लेते, 

तो तुम्हारे पास आएगी सुअवसरों की बाढ़
न केवल दिल में,
अपितु तुम्हारी रूह भी चैन से रहेगी ।।
3 वर्ष पहले
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