विज्ञापन

स्मृति शेष: वीएस नायपॉल कभी खुद के बारे में ऐसा सोचते थे...

काव्य डेस्क

Mud Mud Ke Dekhta Hu
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  मेरा जन्म त्रिनिदाद में हुआ। उस समय वहां की आबादी करीब चार लाख थी। इनमें
से करीब डेढ़ लाख लोग भारतीय थे-हिंदू और मुस्लिम। लगभग सभी किसानी
पृष्ठभूमि के, जो गंगा के मैदानी इलाकों से आए थे। चागुआना में मेरी दादी
का घर दो हिस्सों में बंटा था। अगला हिस्सा ईंट का था, जिस पर प्लास्टर था
और सफेदी की हुई थी। यह भारतीय घर जैसा था, जिसकी ऊपरी मंजिल पर घेरा बना
हुआ था और उसके ऊपर पूजा घर था। इसकी सजावट बहुत अच्छी थी, खंभे पर कमल के
फूल और हिंदू देवी-देवताओं के चित्र थे, जिन्हें भारतीय मूल के लोगों ने
बनाया था।
 
विज्ञापन

घर के पिछले हिस्से में कैरेबियन शैली में लकड़ी की इमारत थी....

घर के पिछले हिस्से में कैरेबियन शैली में लकड़ी की इमारत थी। नव
आगंतुक वंचित समुदाय के रूप में सुरक्षा हमारे लिए एक परित्यक्त विचार था।
इसने हमें अपने ढंग से जीने में सक्षम बनाया। मेरी उम्र के बच्चों को
भारतीय महाकाव्यों, खासकर रामायण के बारे में बहुत कम जानकारियां थीं। मेरे
परिवार में मेरे बाद आने वाले बच्चों को तो इसकी भी जानकारी नहीं थी। कोई
हमें हिंदी पढ़ाने वाला नहीं था। कभी-कभी कोई वर्णमाला के कुछ अक्षर सीखने
के लिए लिख देता था और हमसे बाकी सबकुछ स्वयं सीखने की अपेक्षा रखी जाती
थी। इसलिए जैसे ही अंग्रेजी की पैठ हुई हमने अपनी भाषा खो दी।

हमारे घर में धार्मिक पूजा-पाठ होते रहते थे....

हमारे घर में धार्मिक पूजा-पाठ होते रहते थे, लेकिन कोई उसे समझाने वाला नहीं था। इसलिए
हमसे वह भाषा छूट गई और हमारी पैतृक आस्था में कमी आई तथा वह हमारे
रोजमर्रा के जीवन में प्रासंगिक नहीं रही। दस वर्ष की उम्र से ही मैं लेखक
के रूप में प्रसिद्ध होना चाहता था। लेकिन तब मुझे नहीं पता था कि मुझे
लिखना क्या है। असल में मैं त्रिनिदाद से निकलना चाहता था। मैं औपनिवेशिक
जीवन की दयनीयता और तीव्र पारिवारक विवादों से त्रस्त था। वह उदार समाज नहीं था।

उल्लेखनीय है कि नोबेल पुरस्कार विजेता साहित्यकार वीएस नायपॉल का निधन 11 अगस्त 2018 को हो गया। नायपॉल का जन्म त्रिनिदाद टोबेगो में 17 अगस्त 1932 को हुआ था।
8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Chitra Panwar

31 कविताएं

View Profile

Ipsita Bhadauria

37 कविताएं

View Profile

Anil Pandey

461 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10782 कविताएं

View Profile