जहां आज बज़्म है , कल वीराने होंगे।
अपनों के दरम्यां ही कुछ बेगाने होंगे।।
आज का सुरूर कल का खुमार होगा।
ऐसा नहीं, लोग हमेशा यूं दीवाने होंगे।।
सहरा में कहीं भी सायबान न मिलेगा।
इस शहर में कुछ प्यासे मयखाने होंगे।।
ये दिलकश मंज़र फ़ानी हैं, यकीं करो।
यहीं पे कुछ तो सुनसान ठिकाने होंगे।।
-यूनुस खान