हर एक पुराने ख़त की तहरीर में ढूंढा।
तुझे, अपने ख्वाबों की ताबीर में ढूंढा।।
करीब से देखा, तो हर शै में दिखी थी।
नाहक हमने हाथों की लकीरे में ढूंढा।।
-यूनुस खान