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किसी की जरूरत ही नहीं

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुसलसल जगाती रहती है।
        
                                                    
                            
नींद , मुझे सताती रहती है।।

इंतजार करो शिद्दत से तुम।
तन्हाई , ये बताती रहती है।।

किसी की जरूरत ही नहीं।
ख़ामोशी , हंसाती रहती है।।
-यूनुस खान
एक घंटा पहले
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