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तसव्वुर और ख़्वाब-ओ-ख़्याल था वो।।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खुलूश-ओ-मुहब्बत की मिसाल था वो।
        
                                                    
                            
तसव्वुर और ख़्वाब-ओ-ख़्याल था वो।।

रग-ए-जां से भी ज्यादा,करीब था मेरे।
ये लगता है,मुझे पाकर निहाल था वो।।
-यूनुस खान
एक घंटा पहले
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