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पैरहन की खुशबू से , पहचान लेते हैं लोग।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ब-जाहिर मिलते नहीं,ख़्वाबों से क्या होगा।
        
                                                    
                            
हकीकत से गुज़रो , किताबों से क्या होगा।।

पैरहन की खुशबू से , पहचान लेते हैं लोग।
ऐ परदानशीं बता दें, नकाबों से क्या होगा।।
-यूनुस खान
एक घंटा पहले
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