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अब खिजां में पैदा बहार हो कैसे।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस बेखुदी से कोई बेदार हो कैसे।
        
                                                    
                            
बेकरारी में हांसिल करार हो कैसे।।

शाख-ओ-गुल पूछते हैं, बागबां से।
अब खिजां में पैदा बहार हो कैसे।।
-यूनुस खान
2 महीने पहले
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