तमाम उम्र,यूं अहसासात छुपाता रहा।
मैं गमजदा होकर भी, मुस्कुराता रहा।।
उसने खींच दी थी दरम्यां एक लकीर।
मगर, मैं फिर भी दोस्ती निभाता रहा।।
ना पूछ, कितने दर्द थे जिंदगी में मेरी।
लेकिन,मैं खुश हूं सबको बताता रहा।।
-यूनुस खान