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बज़्म से नहीं

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमने बज़्म से नहीं,तन्हाई से सीखा।
        
                                                    
                            
यूं ख़ामोश रहना, रूस्वाई से सीखा।।

तसव्वुर में तुझे , बसायें किस तरह।
ये हुनर, तेरी इस परछाई से सीखा।।
-यूनुस खान
एक घंटा पहले
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