अभी साकी जिंदा है,अभी मयखाने बाकी हैं।
शहर में , अभी मयकशी के ठिकाने बाकी हैं।।
नये लोगों से मिलने में अभी रखा है फांसला।
मैं तन्हा नहीं , जब तक दोस्त पुराने बाकी हैं।।
-यूनुस खान